Saturday, April 25, 2009

स्वागत करें प्रेरणा का

यह पोस्ट मुझे पिछले हफ्ते ही दे देनी थी और मन की गति देखूँ तो अभी भी नही।

कुछ पारिवारिक और मानसिक उलझनो के चलते ना दे सकी। फिलहाल ब्लॉग परिवार ऐसा परिवार है जिसकी याद अब अपने अपनो के साथ ही आती है और इस बार भी आई और जितनी मदद हो सकती थी मिली भी। डॉ० अनुराग से, नीरज जी और अनीता दी से। चूँकि मेडिकल प्रॉबलम थी, तो अनुराग जी से सबसे अधिक और फिर कहना पड़ा ये डॉ० चमड़े के नही दिल के ही हैं, बल्कि भावनाओं के। समस्या लंबी है समाधान शायद देर से हो..!

खैर आप स्वागत कीजिये इस http://ajeetfirdausi.blogspot.com/का जिसके कर्ता धर्ता हैं श्री अजीत श्रीवास्तव (अजित नही लिखूँगी, क्योंकि वे स्वयं ee का प्रयोग करते हैं।)

अजीत जी को मैं जानती थी आर्कुट के माध्यम से। तब, जब ये जर्मनी में थे किसी स्कॉलरशिप के लिये। इनके मित्र अनुज वर्मा ने मुझे सर्फिग में कहीं पाया और वहीं से शायद इन्हे भी मेरा पता चला। अजीत जी का पहला ही स्क्रैप इनकी संवेदनशीलता का परिचायक था। मैने ढूँढ़ने की कोशिश की मगर शायद किसी दिन सफाई में मैने वो हटा दिया होगा। अजीत जी से स्क्रैप्स का आदान प्रदान कभी भी नियमित नही रहा, मगर जितना रहा उस से ये लगा कि अत्यंत संवेदनशील एवं विनम्र शख्स हैं (जैसे मैं, जिन्हे इर्द गिर्द के लोग ही समझ सकते हैं)

कभी कभार इनकी रचनाओं से अवगत होने पर मैने इन्हे ब्लॉग बनाने का सुझाव दिया। मगर ये अपनी पढ़ाई का बहाना बना कर टालते रहे।

लगेहाथ ये भी बता दूँ कि सुल्तानपुर की सरज़मी पर जन्मे अजीत जी ने एन०आई०टी०. रुड़की से बी०टेक० आई०आई०टी०, कानपुर से एम०टेक० किया है और इस समय आई०आइ०टी०,चेन्नई से रिसर्च कर रहे हैं। जर्मनी में ये स्कॉलरशिप के लिये गये थे

अजीत जी मेरे जैसे लोगो में नही है, जिन्होने पहले ब्लॉग बनाया और फिर ब्लॉगजगत को जाना। ये लगभग डेढ़ साल से ब्लॉग जगत को जान रहे हैं और टिप्पणी भी करते हैं कभी कभी।

और तो और दिग्गजों की पोस्ट पर छद्म नाम से अधिक सच वाली टिप्पणी करने वाले इन सज्जन के कारण विवाद भी हो चुके हैं। अब नाम नही बताऊँगी अन्यथा वो लोग पूर्वाग्रह से ग्रसित हो जायेंगे :) :)।

खैर अब ज्याद कुछ मैं नही कहूँगी...कहेंगे अजीत जी के लेख...! आप बस उत्साहवर्द्धन कीजिये....! और पहुँचिये प्रेरणा पर

16 comments:

रविकांत पाण्डेय said...

चलिये, अजीत जी की ब्लाग पर घूम कर आता हूं।

"अर्श" said...

main to bhaee ghum aaya ajeet jee ke ghar se ... achha intazaam karaa hai unhone... chaay bhi pee maine to...badhaayee aapka... milwaane ke liye...

arsh

Kishore choudhary said...

मन संवेदन भी अजब है दुनिया के किसी भी कोने से तलाश लाता है अपनत्व के धागे. अजित का स्वागत है !

वन्दना अवस्थी दुबे said...

तब ठीक है, हम भी अजीत जी के ब्लौग को देखने के लिये उत्सुक हैं.

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

नमस्कार,
इसे आप हमारी टिप्पणी समझें या फिर स्वार्थ। यह एक रचनात्मक ब्लाग शब्दकार के लिए किया जा रहा प्रचार है। इस बहाने आपकी लेखन क्षमता से भी परिचित हो सके। हम आपसे आशा करते हैं कि आप इस बात को अन्यथा नहीं लेंगे कि हमने आपकी पोस्ट पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं की।
आपसे अनुरोध है कि आप एक बार रचनात्मक ब्लाग शब्दकार को देखे। यदि आपको ऐसा लगे कि इस ब्लाग में अपनी रचनायें प्रकाशित कर सहयोग प्रदान करना चाहिए तो आप अवश्य ही रचनायें प्रेषित करें। आपके ऐसा करने से हमें असीम प्रसन्नता होगी तथा जो कदम अकेले उठाया है उसे आप सब लोगों का सहयोग मिलने से बल मिलेगा साथ ही हमें भी प्रोत्साहन प्राप्त होगा। रचनायें आप shabdkar@gmail.com पर भेजिएगा।
सहयोग करने के लिए अग्रिम आभार।
कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
शब्दकार
रायटोक्रेट कुमारेन्द्र

अभिषेक ओझा said...

अरे ये तो अपने जान पहचान वाले भी हो सकते हैं !

रवीन्द्र रंजन said...

कंचन जी, मै तो एक चक्कर लगा आया और 'प्रेरणा' पर अपनी मौजूदगी के निशान भी छोड़ आया।

गौतम राजरिशी said...

तुम ठीक तो हो ना?
मेल करो...

प्रेरणा से होकर आता हूँ तब तक..

सुशील कुमार छौक्कर said...

ये सच है कंचन जी कि इस ब्लोग परिवार कुछ इंसान वाकई सच्चे और अच्छे है। जहाँ दरवाजे नही है दीवारे नही है। बस है तो प्यार ही प्यार है। वैसे आप कैसी है। बताए। तबतक मैं अजित जी के घर होकर आता हूँ।

दिगम्बर नासवा said...

स्वागत है अजीत जी का...........और स्वस्थ की शुभकामनाएं...............

vandana said...

prerna ke bare mein jankar achcha laga.....abhi wahin ghoom kar aayi hun.

Mired Mirage said...

मैं भी स्वागत कर आई। अब स्वास्थ्य कैसा है?
घुघूती बासूती

अनिल कान्त : said...

मैं भी स्वागत कर आता हूँ ....आप सही है न

मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

अजीत 'फिरदौस' said...

कंचन जी, मेरे पास कहने के लिए कोई शब्द नहीं है. आपकी उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूँगा.

पुनीत ओमर said...

आपकी तबियत ठीक तो है न..

कुश said...

होकर आ गए वहां.. आपका भी शुक्रिया एक नए ब्लॉग से परिचय करवाने के लिए